धनिया की चोली मटरू ने खोली।

चुदवाने के लिए हामी भर दी
Loading...

चोली के नीचे क्या है चुनरी के पीछे।

indin sex

जब से खलनायक फिल्म का गाना आया था कि चोली के नीचे क्या है चुनरी के पीछे, तब से

मुहल्ले का मटरू धनिया के पीछे पगला गया था। इस बार वो उसे चोदने के लिए पीछे ही पड़

चुदवाने के लिए हामी भर दी

गया था, जहां तहां खेत, खलियान बस उसके पीछे घूमते घूमते और यहां वहां उससे बुर मांगते

हुए शरम नहीं आती उसने। आज उसने धनिया को आते देखा तो बोल उठा, आ मेरी रानी, सबको

बांटती है तो हमें क्यों डांटती है और इसलिए, आज तो मुझे दे ही दो। धनिया ने कहा, साले

पाकेट में एक रुपया नहीं, और चले हो धनिया को पटाने पिछले बार मेला में घुमाने तो ले

चुदवाने के लिए हामी भर दी

नहीं गये और आज आ गये बुर मांगने। देख रहे हो ये चोली, किसने दिलाई है पता है कि

नहीं तुम्हें।

चोली जिसे खोलने का हक

pornhub sex

मंगरू ने दिलाई है, पचास रुपये की डिजायनर चोली जिसे खोलने का

हक सिर्प्फ उसको ही है। बताओ भला, ऐसे में कैसे काम हो सकता है कि तुम फोकट में चले आ रहे

हो इस डिजायनर चोली को खोलने के लिए। अरे उसने पचास की चोली दिलाई है तो तुमको सौ की

चोली दिलानी चाहिए। बात तो दुरुस्त कही थी धनिया ने पर मटरु को जम गयी। उसने आज ही

अपने बाप के पाकेट से दो सौ रुपये निकाले और शहर जाकर

एक मस्त साड़ी और चोली ले आया। लाकर के धनिया को खलियान में दिया और

बोला कि रानी आज आ जाईयो मेरे दुकान में अपनी चूत का पकवान लेकर के।

शटर गिरा के उसको दबोच लिया

xnxx sex

धनिया भी रेडी हो गयी और चुदवाने के लिए हामी भर दी। शाम को जब धनिया

अपनी जवानी लेकर के मटरु के दुकान में पहुंची तो वो शटर गिरा के उसको दबोच लिया।

आजाओ रानी चुदाने को आज बहुत दिनों से मेरा मन ललचा रही हो। आज तो दिखा ही

दोगी कि चोली के नीचे क्या है। और धनिया ने कहा मैं क्यू दिखाऊं खुद ही देख ले।

मटरु के हाथ कापने लगे, पहली बार इतनी मस्त मस्त माल चोदने जा रहा था।

आखिर इनवेस्टमेंट किया था

तू सूंसू कर देगा

बाप के पैसे का तो जरुरी था कि थोड़ा हाथ लरजते। फिर भी, उसने अपने हाथ मजब्बूती से आगे बढाए और उसकी चोली पकड़ के क्खोलने लगा। एक बटन खोलते खोलते उसकी सांसे उखड़ गयीं। धनिया हसी और बोली, तू रे घोंचू चला है मुझे चोदने और ब्लाउज उतारने में तू सूंसू कर देगा। एक दम घोंचू का घोंचू ही रह गया क्या बे, और सच पूछें तो तेरा कुछ नहीं होने का। इत्ना कह कर धनिया ठहाके लगा के हंस पड़ी। मटरू को गुस्सा आया तो उसने चोली खोले बगैर ही धनिया का लहंगा उठाया और उसमें बैठ गया।

चतुर चोदवैया मटरू ने धनिया को चोदने के लिए पटाया।

अरे धनिया अवाक रह गयी, अरे साले अंदर क्यों घुस गये लहंगे के, अबे क्या करोगे। पर मटरू ने अंदर घुस कर उसकी चूत में अपना मुह किसी मधुमक्खी की तरह लगा दिया। मटरू आज धनिया की खूश्बूदार चूत को पीने वाला था। मस्त होकर उसने अपनी मूंछों सहित मूह को धनिया के चूत के लाबाल्ब भरे दही के कटोरे में डुबा दिया। धनिया भी मस्ताती हुई कहने लगी। चूस बे मटरुवा चूस। एक दम ससुरा बुर्चोन्हर ही रह गया। एक दम बकलंड का बकलंड्।

उसके चसकीले बुर पर

इस बात पर मटरु को और गुस्सा आया और उसने उसकी गांड में दात गड़ा दिया। धनिया को जोरो की चुदवास चढ रहि थी, और मटरु था कि अंदर में आग लगाए जा रहा था। धनिया अब उसके मुह पर बैठ गयी थी। मटरु अपनी जीभ चपर चपर उसके चसकीले बुर पर चला रहा था और धनिया अपनी बेकाबू होती काम वासना को शांत करने के लिए अपनी चोली में हाथ डाल कर के अपने चूंचे सहला रही थी। बेहद मजेदार माहोल था और तब तक धनिया ने उसक्के मुह पर पाद दिया।

चूंचों को उपर से पकड़ा

फुस्स्स्स!! और मटरु की नाक और मुह में बास की दुर्गन्ध फैल गयी। मटरु का मूड खराब हो गया और उसने लहंगे से निकल कर धनिया को खाट पर पटक दिया। धनिया मटरू की मर्दानगी से अवाक थी। मटरू ने धनिया की चोली खोले बगैर उसके चूंचों को उपर से पकड़ा और पकड़ कर के दबोच लिया। अपना मोटा लंड उसकी खुली खुली सी चूत में धकेल कर के उसने के जोरदार झटका मारा कि साले का गिरह दार लंड अंदर जाने में फंस गया। धनिया कसमसाने लगी, साले का लंड तो गधे जैसा गिरहदार है। गांठदार लंड घुसने में दिक्कत तो करता है पर मजे ज्यादा देता है।

पूरा तीन गिरह लंड

और फिर धीरे धीरे मटरू ने अंदर को पूरा तीन गिरह लंड ठेल ही तो दिया। धनिया अपने मुह को हाथो से बंद किये अवाक कि कहीं चीख न निकल जाए और उसने मटरू को मनमानी करने दी। मटरू अब किसी शेर की तरह उसकी चूत में अपने लंड को धकियाए जा रहा था और वो सहमी हुई थी। मटरू ने दहाड़ मारते हुए कहा धनिया तू सिर्फ मेरी है और अब मेरे नाम की चोली पहनेगी। ये ले, माधरचोद, साली रंडी, मुझसे नहीं चुदवाएगी, आगे से सिर्फ मेरे पास आएगी तू ऐसा मजा दूंगा कि।

धनिया की चूत

सच में धनिया को इतना मजा गांव का शायद ही कोई मर्द दे पाया हो। सच तो ये है कि धनिया को आज मटरू से इतनी उम्मीद तो नहीं थी पर मटरु ने आज कमाल कर दिया था। बदन से मरियल दिखने वाला मटरू एक अदद गद्दह लंड का मालिक था। मटरू ने पेल पेल कर धनिया की चूत की चटनी ही बना दी। जब उसने लंड को खींचा तो धनिया की चूत का दरवाजा ऐसा खुला था जैसे कि इंडिया गेट। धत तेरे कि इतनी सजा की उम्मीद न की थी धनिया ने।

उसकी चूत से बहता पानी

और अब मटरू ने उसकी चूत से बहता पानी, कामरस को पीना शुरु कर दिया। आह्ह धनिया प्यास बुझा दी साली तूने आज जनम जनम की। मुझे ऐसे ही पिलाती रह और मैं तेरे को मजे चखाता रहू। जहां से जैसीइ भी चोली कहेगी वैसी चोली लाकर दूंगा तेरे को साली। ले अब मेरा लन्ड चूस। धनिया फिर अचम्भा में। साला गांव के किसी मर्द ने अभी तक धनिया को लंड नहीं चटाया पर इसने साले ने मुझे देसी मुखमैथुन करने को कहा। ले भाई, मटरू तू भी क्या याद रखेगा। और धनिया ने घपाघ्प मुह में लंड लेना शुरु कर दिया। झड़ते वक्त लंड निकाल कर सारा माल मटरू ने उस्के मुह पर छिड़क दिया और चोली में लंड पोंछ लिया।

Releated Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *