हेलो फ्रेंड, आई एम् तय्येब खान एंड २४ फ्रॉम महारास्ट्र. मैं ज्यादा टाइम बर्बाद नहीं करूँगा और सीधे कहानी पर […]

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शादाब है , पिछलेकुछ सालों से कहानियों के साथ बहुत मज़ेकरता आ रहा हूँ और मैंने कहानियाँ बहुतपढ़ी, लेकिन अब में सोच रहा हूँ कि अपनी भीएक कहानी आप लोगों को सुना दूँ। दोस्तों यह घटना शुरू होती है जब मेरे घर मेंपहले और नये किरायेदार रहने आए। उनकापरिवार बहुत छोटा था और वो परिवार में चारलोग थे पति, पत्नी, एक लड़का और एकलhttp://nonvegstories.com/ड़की रेहाना। दोस्तों जब में शाम को अपने ऑफिस से घरपर आया तो मुझे मेरी माँ ने बताया कि कलसुबह हमारे घर पर एक नये किरायेदार आनेवाले है। में अपनी माँ की कही बात कोसुनकर मन ही मन सोचने लगा कि अगरकोई पटाका लड़की या भाभी हुई तो मेरीचाँदी हो जाएगी और फिर हुआ भी ठीक ऐसेही। मैंने माँ से पूछा कि उनके परिवार में कौनकौन है? तो माँ ने मुझे बताया और अब मेंउनकी वो पूरी बात सुनकर मन ही मन बहुतखुश हुआ। फिर अगले दिन सुबह में अपने ऑफिस चलागया और जब में शाम को घर पर आया तोमैंने देखा कि हमारे नये किरायेदार तब तकआ चुके थे, लेकिन मुझे तो अब रेहाना कोदेखना था, लेकिन किस्मत से मुझे सबसेपहले रेहाना की माँ मिली जो एक सेक्स मस्तमाल थी और उनको देखते ही मेरा मुर्गा अंदर ही अंदर घूमने लगा। उनकी कमर 34 की बूब्स तो देखने से लग रहे थे कि ब्रा में आ ही नहीं सकते इतनी बड़े आकार के थे। उसे देखकरमेरा मन तो बस यही कर रहा था कि ब्लाउज को फाड़कर बूब्स को अपने मुहं में भरकर चूस लूँ, लेकिन हमारे बीचबस दुआ सलाम हुआ और में अपने कमरे में चला गया। दोस्तों शाम के करीब 6.30 बजे में अपनी छत पर बैठा हुआ ठंडे मौसम का आनंद ले रहा था, तभी मुझे लगा कि मेरेपीछे कोई है और जब मैंने पलटकर देखा तो एक नाज़ुक सी लड़क जो बहुत सुंदर और मासूम सी है वो खड़ी हुई थी।मैंने उससे हैल्लो किया और अपना हाथ आगे की तरफ बढ़ाया और मैंने कहा कि मेरा नाम शादाब है और उसने बोलाकि में रेहाना। कसम से दोस्तों दिल ने इतनी ज़ोर से धक्का दिया कि मुझे लगा कि हार्ट अटेक आ गया। उसका फिगर दिखने में कोईऐसा ख़ास नहीं कमर 28 की बूब्स शायद 30 के, लेकिन वो सुंदर कमाल की थी। फिर मैंने रेहाना को कुर्सी दे दी और उससे बैठने को कहा तो वो बैठ गई और अब हमारी बातें शुरू हो गई धीरे धीरेमुझे उसके बारे में सब पता चला उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं है मुझे यह बात जानकर बहुत ख़ुशी हुई और अब मैंने भीधीरे धीरे उससे अपनी दोस्ती को आगे बढ़ानी शुरू कर दी में उसको कभी चोकलेट तो कभी टेडी दे देता। दोस्तों वो भी अब अच्छी तरह से समझ गई थी कि लड़का लाईन दे रहा है, लेकिन दोस्तों आप भी जानते हो कि किसीभी लड़की को फंसाना इतना आसान काम नहीं है जितना सुनने से लगता है। अब धीरे धीरे यह भी हो गया अब हम हमेशा शाम को मिलते और घूमते थे। एक दिन मैंने भी थोड़ी हिम्मत करकेउसको अपने मन की बात को बता दिया और उसने भी मेरी बात को मान लिया। उसी शाम हम बातें करते करते कबएक दूसरे के इतना करीब आ गए। हमें पता ही नहीं चला और हमने एक दूसरे को किस किया। उसकी सांसो की गरमी से लगा कि आज मेरा पप्पू तोउल्टी कर ही देगा, लेकिन कंट्रोल रखते हुए हमने सिर्फ़ उस रात किस किया और यह हमारा किस का सिलसिलालगातार चलता रहा। एक शाम हम दोनों बैठे ही थे कि बारिश शुरू हो गई और रेहाना भागकर नीचे जाने लगी। तभी मैंने उसका हाथपकड़ा और अपनी तरफ खींच लिया और उसको अपने सीने से लगाकर एक प्यार से उसके होंठो पर किस किया। किस करते ही वो बेजान हो गई और उसने अपने आपको मुझसे चिपका दिया में भी अब धीरे धीरे हाथ अपना नीचे लेजाकर उसके बूब्स को ऊपर से ही दबाने लगा। उसकी तो आह्ह्ह्ह निकल गई और वो पूरी तरह बैचेन हो गई,लेकिन में अब आज उससे छोड़ने वाला नहीं था। अब मैंने उसके बूब्स को दबाते हुए अपना एक हाथ उसके पीछे ले जाकर उसकी गांड को दबाने लगा। वो अह्ह्ह्हहउफ्फ्फफ्फ्फ़ करने लगी। तभी मैंने उसको उठाकर अपनी गोद में ले लिया और अब उसने अपने दोनों पैरों से मेरीकमर को पकड़ लिया और में खड़े खड़े उसको किस कर रहा था। तभी रेहाना की माँ उसे बुलाने लगी। कसम से यार लंड पर तो लगा किसी ने तेज़ाब गिरा दिया, लेकिन कोई कुछ करनहीं सकता था और कई महीनो बाद हमें मौका मिल ही गया, उस दिन ना मेरे घर पर कोई था और ना ही मेरेकिराएदार के घर पर। सिर्फ़ रेहाना और उसका भाई था. हमने शाम को बैठकर बातें की और मैंने उससे कहा कि आज रात को में और रेहाना साथ रहेंगे, लेकिन रेहाना ने कहाकि हम सेक्स नहीं करेंगे, तो मैंने भी कहा कि ठीक है, लेकिन तुम मेरे साथ में तो रहोगी। फिर वो मान गई उफ..लड़कियों के नखरे, क्या करें? चूत पाने के लिए तो करना ही पढ़ता है। फिर रात को करीब 12.30 बजे रेहाना मेरे रूम में आई और उसके आते ही मैंने उसको तुरंत पकड़कर अंदर खींचलिया आई और उसके आते ही मैंने उसको तुरंत पकड़कर अंदर खींच लिया और उसे अपनी बाहों में भर लिया औरअब हम दोनों बेड पर गिर पड़े। मैंने उसकी गर्दन पर किस किया और वो करवाती रही। फिर कुछ देर बाद मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा हो गया और उसे यह भी महसूस हो गया और वो अपनी चूत को धीरे धीरेरगड़ने लगी, लेकिन फिर से वही लड़कियों के नखरे, शादाब प्लीज ऐसे नहीं, ग़लत तो नहीं होगा ना? यह सब बिल्कुलग़लत है। फिर मैंने कहा कि में ऐसा कुछ नहीं करूँगा सिर्फ़ तुम्हारा दूध पिऊँगा और वो मान गई। दोस्तों उस समयरेहाना सिर्फ़ मेक्सी में थी और में सिर्फ़ लोवर में था। में अब नीचे और रेहाना मेरे ऊपर और मेरा लंड जो 8 इंच का है पूरा खड़ा हो गया था, लेकिन मैंने कुछ किया नहीं,क्योंकि में जानता था कि में बस एक बार रेहाना का दूध पीने लगा तो बाकी काम तो खुद ही हो जाएगा और में धीरेधीरे रेहाना की मेक्सी को उतारने लगा। अब रेहाना सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी और वो लाल कलर की ब्रा और पेंटी मेंग़ज़ब लग रही थी। अब में उसके ऊपर आ गया और मैंने उसकी गर्दन पर किस करते हुए उसके होंठो पर किस किया। उसने अपने दोनोंपैर मेरी कमर पर रख दिए जिससे में उसकी कमर पर आ गया और मेरा लंड ठीक उसकी चूत के ऊपर था, लेकिनफिर भी मैंने कोई ऐसी वैसी हरकत नहीं की क्योंकि में जानता था कि सब कुछ खुद ही हो जाएगा। […]

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